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कुशीनगर: डीएम ने 100 एकड़ सरकारी भूमि का किया निरीक्षण, फर्जी इंद्राज हटाकर विकास परियोजनाओं में होगा उपयोग

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कुशीनगर में 100 एकड़ सरकारी भूमि पर विकास की तैयारी, डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

ग्राम पट्टन और सोनबरसा में अभिलेखों की जांच, सीमांकन और फर्जी इंद्राज हटाने के दिए निर्देश

मोहम्मद नईम 

कुशीनगर | जनपद कुशीनगर में विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तहसील हाटा के ग्राम पट्टन और ग्राम सोनबरसा में लगभग 100 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित की है। इस भूमि से फर्जी इंद्राज हटाकर पुनः सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में शासन की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए इसका उपयोग किया जा सके।


इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शनिवार को ग्राम पट्टन स्थित गाटा संख्या-59मि एवं गाटा संख्या-8 (करीब 78 एकड़) तथा ग्राम सोनबरसा स्थित गाटा संख्या-156 (करीब 21 एकड़) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमि की वर्तमान स्थिति, सीमांकन, ड्रोन सर्वे और राजस्व अभिलेखों की जानकारी ली।

जांच में सामने आया कि ग्राम पट्टन की अधिकांश भूमि वर्तमान में भूमिधरी के रूप में उपयोग की जा रही है, जबकि वर्ष 1323 फसली बंदोबस्त के अभिलेखों में यह भूमि धूस (सरकारी भूमि) के रूप में दर्ज थी। वहीं ग्राम सोनबरसा का गाटा संख्या-156 वर्तमान में खाली है और अभिलेखों में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। प्रशासन ने दोनों मामलों में विस्तृत जांच कर फर्जी इंद्राज निरस्त कराने और भूमि को पुनः सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि से जुड़े सभी राजस्व अभिलेखों का गहन परीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह भूमि प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त पाई जाती है, तो इससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय नागरिकों को विकास योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

पूरी खबर देखने के लिए नीचे क्लिक करे

https://youtu.be/DRV5BVdgdkk

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